आयुर्वेदिक तेलों का उपयोग अलग-अलग उत्पादों में अलग उद्देश्य से किया जाता है। हर तेल की सामग्री, उपयोग-विधि और सावधानियाँ अलग हो सकती हैं, इसलिए हमेशा उसी उत्पाद के लेबल का पालन करें।
उपयोग से पहले
- लेबल पर सामग्री, बाहरी उपयोग या अन्य निर्देश, मात्रा और चेतावनी पढ़ें।
- पहली बार उपयोग से पहले निर्देशों के अनुसार त्वचा के छोटे हिस्से पर परीक्षण करें। लालिमा, खुजली या जलन हो तो उपयोग रोक दें।
- कटे, जले, संक्रमित या बहुत संवेदनशील हिस्से पर बिना चिकित्सकीय सलाह तेल न लगाएँ।
- आँखों, मुँह और अन्य संवेदनशील हिस्सों से दूर रखें।
मालिश कैसे करें?
यदि उत्पाद बाहरी उपयोग के लिए है, तो निर्देशित मात्रा लेकर हल्के हाथ से लगाएँ। तेज़ दबाव, जोरदार मालिश या दर्द बढ़ने पर मालिश जारी न रखें। गर्म तेल या गर्म सिकाई से जलने का जोखिम रहता है; त्वचा पर बहुत गर्म तेल न लगाएँ।
कब पहले सलाह लें?
बच्चों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाले व्यक्तियों, एलर्जी की प्रवृत्ति वाले लोगों तथा लंबे समय से चल रही बीमारी या नियमित दवा लेने वालों को पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। आँखों में तेल चला जाए या गंभीर प्रतिक्रिया हो तो तुरंत उचित सहायता लें।
महत्वपूर्ण बात
तेल को लकवा, साइटिका, गठिया या किसी अन्य गंभीर बीमारी का निश्चित इलाज मानकर चिकित्सा में देरी न करें। लगातार दर्द, सुन्नपन, कमजोरी या अचानक लक्षण होने पर चिकित्सकीय जाँच जरूरी है।
यह सामान्य सुरक्षा जानकारी है। उत्पाद के लेबल पर दिए निर्देश सर्वोपरि हैं और यह व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है।
